जो करोंगे सो भरोंगे

जो-करोंगे-सो-भरोंगे

एक बार एक छोटा बच्चा किसी बात पर अपनी माँ से नाराज हो जाता है। वो अपनी माँ से कहता है की मैं तुम से नफरत करता हूँ। उसकी माँ उसे डांटती है, वह डर जाता है और डर के कारण घर से भाग जाता है। वह पहाड़ियों के पास जाकर चीखने चिल्लाने लगता है।

मैं तुमसे नफरत करता हूँ। पहाड़ होने के कारण आवाज गूँजने लगती है, और उसे return में उसी की आवाज की गूँज सुनाई देने लगती है। मैं तुमसे नफरत करता हूँ, मैं तुमसे नफरत करता हूँ।

उसने ऐसी गूँज पहली बार सुनी थी। वह डर जाता है और अपने बचाव के लिए अपनी माँ के पास भाग जाता है। वह अपनी माँ से कहता है की पहाड़ी के पास एक बहुत ही बुरा बच्चा है, जो चिल्लाता है, मैं तुमसे नफरत करता हूँ।

उसकी माँ सारी बात समझ जाती है, और उसे बोलती है की तुम फिर से उसी पहाड़ पर जाओ और चिल्लाकर कहो की मैं तुमसे प्यार करता हूँ।

छोटा बच्चा अपनी माँ की बात मानकर फिर से वहाँ गया और चिल्लाकर मैं तुमसे प्यार करता हूँ, मैं तुमसे प्यार करता हूँ। और return में उसे उसी की आवाज की गूँज वापस सुनाई देती है। इस घटना के बाद बच्चा समझ जाता है की हम दुसरो के साथ जो करते है। वैसा ही वे हमारे साथ करते है।